Thu, 04 Mar, 2021
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अब अपने बच्चों की बिमारियों को कहें गुड बाय।

News Helpline | December, 28 2019



अपने 9 महीने के प्रेगनेंसी के बाद जब कोई महिला अपने बच्चे को जन्म देती है और जब वह बच्चा सही सलामत उस माँ के हांथों में होता है तो दुनिया में उससे सुन्दर और ख़ुशी से भरा कोई समय नहीं होता है। बच्चे को 9 महीने तक गर्भ में रखना हर माँ के लिए बहुत ही मुश्किल और महत्वपूर्ण समय होता है।
 
पर बच्चे का जन्म होने के बाद भी आपको बहुत सारी चीजों का ध्यान देना पड़ता है जो हर नवजात शिशु (न्यूबोर्न बेबी)  के लिए बहुत जरूरी होता है। किसी भी नवजात शिशु  के जन्म के बाद उसका बहुत ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि बच्चे बहुत ज्यादा सेन्सिटिव  होते हैं और उन्हें इन्फेक्शन जल्दी से हो जाता है इसलिए नवजात शिशु की देखभाल उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी है।
 
हाइजीन फैक्टर के लिए एक मां को अपने बच्चे पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत होती है। एक नवजात शिशु के शरीर का तापमान, उनकी सांस, उनके द्वारा आवश्यक फ़ीड की मात्रा आपके बच्चे के लिए सभी जरुरी हाइजीन फैक्टर हैं। यदि आप एक नवजात शिशु की मां हैं, तो अपने बच्चे को बीमारी या संक्रमण से बचाने के लिए निम्नलिखित बातों पर ध्यान दे सकती हैं।
 
1. जन्म के तुरंत बाद, बच्चे को गर्म रखना जरुरी होता है। उसके जन्म के बाद, उसे कपड़े से अच्छी तरह से सुखाएं और सुनिश्चित करें कि वह ढंका हुआ है, सिर से पैर तक। बच्चे को मां की छाती या पेट पर रखकर उसे आवश्यक गर्माहट देने के लिए एक अच्छा विकल्प है। मां और बच्चे दोनों को कंबल से ढंकना भी एक अच्छा आईडिया है।
 
2. नवजात को ठीक से सांस लेने दें। यह उसके मुंह और नाक से 'श्लेष्म' और 'एमनियोटिक' द्रव को साफ करके उनकी श्वसन प्रणाली को साफ रखा जा सकता है। यह एक अभ्यास है जो आमतौर पर बच्चे के जन्म के बाद किया जाता है।
 
3. एक नवजात शिशु को केवल स्तनपान कराना चाहिए। यदि बच्चे को वायुमार्ग की सफाई के बाद कोई समस्या हो रही है, तो उसे फीड करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। बच्चों को सांस की समस्या के साथ दूध पिलाना असुरक्षित है और इसकी सलाह नहीं दी जाती है।
 
एक डॉक्टर हमेशा जन्म के तुरंत बाद बच्चे की नाड़ी की जांच करता है। 100 बीपीएम को सामान्य नवजात हृदय गति माना जाता है। यदि नाड़ी इससे कम है, तो बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाएं।
 
एक नवजात शिशु में आमतौर पर विटामिन के(K)की कमी देखी जाती है, इसलिए 0.5 से 1.0 मिलीग्राम का एक नेचुरल विटामिन के इंजेक्शन उन्हें उनके जन्म के कुछ घंटों बाद दिया जाता है। यह रक्तस्रावी(Hemorrhagic) बीमारी को रोकता है। जैसे: गलघोटू,खसरा,चेचक, काली खांसी,तथा पोलियो आदि।
 
यह कुछ बातें ध्यान मे रख कर आप अपने बच्चों की बिमारियों को गुड बाय कह सकते /सकती है।
 

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